रांची न्यूज डेस्क: रांची के मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में मंगलवार को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर आयोजित सम्मेलन महिला सशक्तीकरण के एक उत्सव के रूप में उभरा। 'पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी' की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया और विधानसभा व लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने वाले इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राजनीति से लेकर साहित्य और शिक्षा जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम की कुछ प्रमुख झलकियां निम्नलिखित हैं:
संजय सेठ का संदेश: रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के दशकों पुराने सपने को पूरा करने का माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए खुद मंच की सीढ़ियों पर बैठकर और फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया।
बाबूलाल मरांडी की टिप्पणी: प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने जोर देकर कहा कि भारत वह देश है जहाँ नारी को शक्ति के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि अब निर्णय लेने की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होगी।
प्रबुद्ध महिलाओं की उपस्थिति: कार्यक्रम में रांची की महापौर रोशनी खलखो, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा, विनीता सिंघानिया और लेखिका पुष्पा सहाय सहित कई क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाएं मौजूद रहीं।
भव्य पदयात्रा: सम्मेलन के बाद आर्यभट्ट सभागार से बापू वाटिका तक एक विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें 4,000 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। बापू वाटिका पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और नारी सशक्तीकरण के संकल्प को दोहराया गया।