रांची न्यूज डेस्क: राजधानी रांची में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और साल 2026 के आंकड़े इस बदलाव को और गंभीर बना रहे हैं। हालिया जलवायु रिपोर्ट के अनुसार शहर अब हाई-रिस्क हीट जोन की ओर बढ़ रहा है। क्लाइमेट चेंज सीवियरिटी स्कोर 76/100 तक पहुंच गया है, जो पिछले 16 वर्षों की तुलना में करीब 45 प्रतिशत अधिक खराब स्थिति को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकेत आने वाले समय में खतरनाक गर्मी की चेतावनी दे रहे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, लेकिन महीने के अंत तक इसके 38-39 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। इस साल फरवरी और मार्च में ही तापमान में 2 डिग्री से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन और रात के तापमान में बढ़ता अंतर भी मौसम की अस्थिरता को दिखाता है, जिससे साफ है कि गर्मी का असर इस बार ज्यादा तीखा हो सकता है।
विश्लेषण बताता है कि अप्रैल के अंत तक तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है, जबकि मई-जून में हीटवेव जैसे हालात बन सकते हैं। पिछले 35 वर्षों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं, जहां 590 हीटवेव दिन दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश 1990 के बाद के हैं। तेजी से बढ़ता शहरीकरण, घटते हरित क्षेत्र और अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव को इस बढ़ती गर्मी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
इस बदलते मौसम का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवनशैली पर पड़ेगा। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, बिजली की बढ़ती मांग और पानी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे जरूर है, लेकिन मौसम साफ होते ही इसमें तेज बढ़ोतरी की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो रांची में गर्मी आने वाले वर्षों में और भी भयावह रूप ले सकती है।