रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में हाल के वर्षों में सामने आए कई मामलों ने यह चिंता बढ़ा दी है कि आतंकी संगठन युवाओं तक पहुंचने और अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए इंटरनेट मीडिया का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग एप और ऑनलाइन नेटवर्किंग के जरिए युवाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऐसे माध्यम आतंकी संगठनों के लिए भर्ती, प्रचार और संपर्क स्थापित करने का प्रमुख जरिया बनते जा रहे हैं।
ताजा मामला रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर हुए हमले से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस ने लोहरदगा निवासी सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि अमन अंसारी सोशल मीडिया के माध्यम से दुबई में मौजूद एक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, भारत में अशांति फैलाने की साजिश के तहत उसे ऑनलाइन निर्देश दिए जा रहे थे।
इससे पहले भी झारखंड में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें युवाओं के आतंकी संगठनों से ऑनलाइन संपर्क की पुष्टि हुई थी। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लोहरदगा के फैजान अंसारी को गिरफ्तार किया था, जिस पर प्रतिबंधित संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने का आरोप था। वहीं, अप्रैल 2025 में झारखंड एटीएस ने धनबाद से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनके कथित तौर पर हिज्ब-उत-तहरीर संगठन से संबंध पाए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये लोग इंटरनेट मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आतंकी संगठन डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर प्रोपेगेंडा फैलाने, भर्ती अभियान चलाने और संवेदनशील लोगों को निशाना बनाने का काम कर रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में आतंकी प्रचार और भड़काऊ सामग्री से जुड़े 9,845 यूआरएल ब्लॉक किए गए थे। एजेंसियां ऐसे प्लेटफॉर्म और अकाउंट्स की पहचान कर उन पर कार्रवाई कर रही हैं, ताकि युवाओं को गुमराह होने से बचाया जा सके।