रांची न्यूज डेस्क: रांची शहर में लगातार बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) शहर में छह नए पावर ग्रिड स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इन ग्रिडों के शुरू होने के बाद शहरवासियों को बार-बार बिजली कटने, लो वोल्टेज और लाइन लॉस जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
JBVNL के रांची सप्लाई एरिया के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ती आबादी के कारण बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मौजूदा ग्रिड और बिजली उपकेंद्रों के बीच अधिक दूरी होने से निर्बाध बिजली आपूर्ति में दिक्कत आती है। नए ग्रिड बनने से आसपास के उपकेंद्रों तक बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी और कटौती में कमी आएगी।
प्रस्तावित छह ग्रिडों में से नामकुम के सरवल, खूंटी रोड के 10 माइल चौक और हटिया के विकास नगर में तीन ग्रिडों को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं कुसई, रिम्स डॉक्टर कॉलोनी (या बूटी पानी टंकी पहाड़) और कांके डैम के पास नवा सोसो में ग्रिड स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे मंजूरी के लिए झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (JUSNL) को भेजा जाएगा। प्रत्येक ग्रिड की क्षमता 200 MVA होगी और इसमें 50-50 MVA के चार पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे।
फिलहाल रांची की बिजली आपूर्ति हटिया, नामकुम, कांके और स्मार्ट सिटी के चार ग्रिडों के जरिए होती है। अधिकारियों का कहना है कि कई बिजली उपकेंद्र इन ग्रिडों से काफी दूर हैं, जिससे लाइन लॉस बढ़ता है, वोल्टेज कम हो जाता है और खराबी आने पर बिजली बहाल करने में अधिक समय लगता है।
JBVNL मौजूदा ग्रिडों की क्षमता भी बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। हटिया और नामकुम ग्रिड की क्षमता 200 MVA से बढ़ाकर 260 MVA की जाएगी। इसके लिए दोनों ग्रिडों में दो ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता 50 MVA से बढ़ाकर 80 MVA की जाएगी। वहीं कांके ग्रिड में एक अतिरिक्त 50 MVA ट्रांसफॉर्मर लगाया जाएगा, जिससे उसकी कुल क्षमता 150 MVA से बढ़कर 200 MVA हो जाएगी।