रांची न्यूज डेस्क: रांची में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण को लेकर बढ़ी जागरूकता के बीच लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक और कार खरीद रहे हैं। शहर में कई जगह पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, लेकिन रिहायशी अपार्टमेंट और सोसायटी में निजी चार्जिंग की सुविधा अब भी बड़ी कमी बनी हुई है। ऐसे में ईवी मालिकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी घर पहुंचने के बाद वाहन चार्ज करने की है।
दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की पड़ताल में डंगराटोली, लालपुर, अशोक नगर और बरियातू रोड के आसपास कई अपार्टमेंट्स में ईवी चार्जिंग की व्यवस्था देखी गई। इनमें किसी भी अपार्टमेंट में अलग से ईवी चार्जिंग मशीन या तय चार्जिंग प्वाइंट नहीं मिला। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन रखने वाले लोगों को चार्जिंग के लिए अपार्टमेंट से बाहर पब्लिक स्टेशन जाना पड़ रहा है। परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब घर के पास कोई चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं होता और वाहन चार्ज कराने के लिए दूर जाना पड़ता है।
शहर में ईवी का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए अपार्टमेंट्स में चार्जिंग की सुविधा अब जरूरी होती जा रही है। कई जगह पार्किंग की पर्याप्त जगह है, लेकिन ईवी चार्जिंग के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। आरटीओ के आंकड़ों के मुताबिक, रांची में नॉन-कमर्शियल ईवी स्कूटर और फोर व्हीलर की संख्या करीब 15 हजार है। इनमें करीब 90 फीसदी दोपहिया वाहन हैं, जबकि शहर में करीब 3 हजार इलेक्ट्रिक फोर व्हीलर भी हैं। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ने पर चार्जिंग की समस्या और बड़ी हो सकती है।
इसलिए अब सिर्फ सड़क किनारे या पब्लिक जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाना काफी नहीं होगा। बिल्डर्स, अपार्टमेंट मैनेजमेंट और संबंधित विभागों को पार्किंग के साथ ही चार्जिंग प्वाइंट की भी योजना बनानी होगी। फिलहाल पब्लिक चार्जिंग स्टेशन ईवी मालिकों के लिए एक विकल्प जरूर हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं। जिस तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है, उसके हिसाब से रिहायशी परिसरों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना समय की जरूरत बन चुका है।