रांची न्यूज डेस्क: रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली स्थित ईडी की टीमों ने एक साथ दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। जून महीने में हुए इस हमले की जांच पहले से ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है, जिसके बाद अब वित्तीय लेन-देन और आर्थिक संबंधों की पड़ताल के लिए ईडी ने भी नई प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 17 जून की देर रात करीब 12:30 बजे चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय पर अज्ञात बदमाशों ने पेट्रोल से भरी बोतलें फेंककर हमला किया था। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और संघ प्रतिनिधियों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने शुरुआती छानबीन की थी। मामले की संवेदनशीलता और आतंकी/साजिश के पहलुओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी मुख्य जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंपी थी।
एनआईए की जांच के दौरान इस घटना के तार देश के अन्य राज्यों से जुड़ते हुए नजर आए। इसी कड़ी में 10 सितंबर को एनआईए ने पटना में कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच आगे बढ़ने पर हमले में शामिल संदिग्धों को फंडिंग मिलने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की आशंका सामने आई, जिसके बाद ईडी की एंट्री हुई। गुरुवार को चार राज्यों में की गई इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य हमले के पीछे के वित्तीय स्रोतों और फंड ट्रांसफर के लिंक को खंगालना है।
कार्रवाई के दौरान ईडी की टीमों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्रियां जब्त की हैं, जिनसे हमले के आर्थिक ताने-बाने का खुलासा होने की उम्मीद है। हालांकि, इस छापेमारी को लेकर ईडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एनआईए और ईडी की इस संयुक्त सख्ती से हमले की साजिश रचने वाले मुख्य आकाओं और उन्हें आर्थिक मदद देने वालों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।