रांची न्यूज डेस्क: झारखंड के रांची निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष बाढ़ प्रभावित नेपाल में लापता हो गए हैं। परिवार के मुताबिक, वह करीब छह महीने से काठमांडू में एक पनबिजली परियोजना में प्रशासक के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के बाद बुधवार सुबह से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से उनका पता लगाने और सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की है।
रामप्रसाद के 75 वर्षीय पिता रंजीत कुमार घोष ने बताया कि मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। नेपाल में बाढ़ की खबर सामने आने के बाद परिवार ने बुधवार सुबह से कई माध्यमों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों का कहना है कि रामप्रसाद की कोई खबर न मिलने से पूरा परिवार चिंता में है।
रामप्रसाद की भाभी दित्या घोष के मुताबिक, वह पनबिजली परियोजना में काम करने वाले करीब 200 कर्मचारियों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाके में थे। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं और भारतीय नागरिकों की भी तलाश की जा रही है। परिवार ने सरकार से तुरंत राहत और बचाव अभियान के जरिए रामप्रसाद का पता लगाने की मांग की है।
वहीं, झारखंड के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। नियंत्रण कक्ष की टीम ने रामप्रसाद की जानकारी भारतीय दूतावास को भेज दी है और उनके बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। परिवार को उम्मीद है कि सरकार और दूतावास के प्रयासों से जल्द रामप्रसाद की लोकेशन का पता चलेगा और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।