रांची न्यूज डेस्क: विद्यार्थियों की सुरक्षा और भवन से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में रांची नगर निगम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। निगम की टीम ने हरिओम टावर में चल रहे 5 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ संस्थानों में कक्षाएं भी चल रही थीं। जांच में फायर सेफ्टी, बिजली सुरक्षा, वेंटिलेशन और भवन से जुड़े कई नियमों को देखा गया।
निगम की टीम ने कोचिंग संस्थानों में फायर एनओसी, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, हवा और रोशनी की व्यवस्था, प्रवेश और निकास, विद्यार्थियों की क्षमता, क्लासरूम में उपलब्ध जगह और ट्रेड लाइसेंस की जांच की। निगम के मुताबिक, जांच के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ संस्थानों में क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों के बैठने और सीसीटीवी समेत जरूरी सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल मिले।
निगम की राजस्व शाखा और नगर निवेशक शाखा ने संबंधित कोचिंग संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जरूरी मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया था। तय समय के बाद भी कमियां दूर नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। निगम अब शहर के कुल 18 चिन्हित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। निगम ने साफ किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं, कोचिंग संचालकों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और फायर एनओसी जैसे दस्तावेज भवन मालिक और संबंधित विभाग से जुड़े हैं। संचालकों का दावा है कि सील किए गए सभी संस्थानों के पास वैध ट्रेड लाइसेंस है और जांच के दौरान उन्होंने निगम की टीम को लाइसेंस दिखाया था। हरिओम टावर के सचिव अजीत तिवारी ने बताया कि फायर फाइटिंग सिस्टम के लिए फायर विभाग में आवेदन किया गया है और प्रक्रिया पूरी करने में करीब तीन महीने का समय लग सकता है। संचालकों का कहना है कि अपने क्लासरूम में फायर सिलिंडर रखना संभव है, लेकिन पूरे भवन की फायर सेफ्टी की जिम्मेदारी किसी एक कोचिंग संस्थान पर नहीं डाली जा सकती।