रांची न्यूज डेस्क: रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सीबीएसई कक्षा 12 की मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित विसंगतियों और पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाने के बाद उनका मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में उन्होंने शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष भी अपनी बात रखी, जहां बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
संसदीय समिति के समक्ष पेश होने के कुछ समय बाद सार्थक सिद्धांत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ उनकी मां, चाचा और छोटा भाई भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने 17 वर्षीय छात्र की हिम्मत और दृढ़ता की सराहना करते हुए परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों को उजागर करने के प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी।
सार्थक का व्यक्तिगत संघर्ष भी लोगों को प्रभावित कर रहा है। हाल ही में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। उनकी मां रांची में एक छोटा प्ले स्कूल संचालित करती हैं और पूरे मामले में लगातार उनका साथ दे रही हैं। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपने मामले की सुनवाई नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
एक छात्र की शिकायत के रूप में शुरू हुआ यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार की व्यापक बहस का हिस्सा बन चुका है। शिक्षा विशेषज्ञ, अभिभावक और छात्र बोर्ड परीक्षाओं की मूल्यांकन तथा पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। सार्थक सिद्धांत की पहल को कई लोग इस बात का उदाहरण मान रहे हैं कि एक छात्र की आवाज भी देशभर में बदलाव की चर्चा को जन्म दे सकती है।