रांची न्यूज डेस्क: रांची में सर्दियों के दौरान घना कोहरा सड़कों पर खड़े वाहनों को हादसों की वजह बना सकता है। शहर के बाहरी इलाकों में सड़क किनारे लंबे समय से खड़े वाहनों को लेकर लोगों ने चिंता जताई है। सुबह के समय कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को सड़क पर खड़े वाहन देर से दिखाई देते हैं। ऐसे में अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने के दौरान दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यह परेशानी और गंभीर हो सकती है।
नामकुम से धुर्वा तक कई जगह खड़े हैं वाहन
लोगों के मुताबिक, नामकुम, तिलता चौक के पास, पंडरा जाने वाले रास्ते और धुर्वा समेत कई इलाकों में सड़क किनारे वाहन खड़े दिखाई देते हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों की ओर जाने वाली सड़कें भी शामिल हैं। कई जगह ये वाहन सड़क के एक हिस्से पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे दूसरे वाहन चालकों को उनके आसपास से निकलना पड़ता है। नामकुम मार्ग से नियमित आने-जाने वाले प्रणव ने बताया कि सुबह घने कोहरे में आगे की सड़क साफ दिखाई नहीं देती। अगर सड़क पर कोई वाहन बिना चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर के खड़ा हो, तो वह आखिरी समय पर नजर आता है और संभलने के लिए बहुत कम समय बचता है।
परिवहन मंत्री ने भी जताई चिंता
पंडरा की ओर जाने वाले साहिल राम ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की तरफ जाने वाली सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग गंभीर समस्या है। इन रास्तों से शहर के लोग ही नहीं, बल्कि बाहर जाने वाले यात्री भी गुजरते हैं। ऐसे में लंबे समय से खड़े बेकार वाहनों को सर्दियों में कोहरा बढ़ने से पहले हटाया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों को पार्किंग की जगह न बनाने की अपील की। साथ ही, जिला प्रशासन को जिला परिवहन पदाधिकारियों (डीटीओ) और मोटर वाहन निरीक्षकों की मदद से कार्रवाई अभियान चलाने को कहा। उनका कहना है कि सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग से यातायात बाधित होता है और हादसों का खतरा बढ़ता है।
वाहनों की पहचान के लिए बनाई गईं दो टीमें
रांची के जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने बताया कि सड़क किनारे खड़े वाहनों की पहचान करने और विभाग को रिपोर्ट देने के लिए दो सड़क सुरक्षा टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें अलग-अलग सड़कों का सर्वे कर रही हैं। रांची-बुंडू और बूटी मोड़-ओरमांझी मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन खड़े होने के कारण इन्हें संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया गया है। विभाग के मुताबिक, टीमों की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।