रांची न्यूज डेस्क: नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची ने अपने 'कंटिन्यूइंग लीगल एजुकेशन' (CLE) कार्यक्रम के पहले बैच को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य झारखंड में युवा वकीलों के लिए व्यावहारिक कानूनी प्रशिक्षण और पेशेवर विकास के अवसरों को बढ़ाना है। पहले बैच में राज्य भर के युवा कानूनी चिकित्सकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ उन्हें न्यायपालिका के सदस्यों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और विषय विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान कोर्टरूम कौशल, पेशेवर नैतिकता (Professional Ethics) और समकालीन कानूनी चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं। पहले बैच से मिले सकारात्मक फीडबैक के बाद, अब NUSRL ने CLE कार्यक्रम के दूसरे बैच की घोषणा कर दी है। यह नया बैच कानूनी सिद्धांत और व्यावहारिक अभ्यास के बीच की दूरी को कम करने के लिए तैयार किया गया है।
कार्यक्रम और आवेदन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:
उद्देश्य: युवा कानूनी पेशेवरों को व्यावहारिक कौशल और वास्तविक कानूनी अभ्यास के लिए तैयार करना।
पात्रता: झारखंड के सभी जिलों के वे युवा वकील, जिन्हें अभ्यास (Practice) करते हुए 5 वर्ष से कम समय हुआ है।
सीखने का तरीका: संरचनात्मक पाठ्यक्रम के माध्यम से अनुभव आधारित शिक्षा (Experiential Learning) पर जोर।
प्रक्रिया: इच्छुक उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और कार्यक्रम के विस्तृत शेड्यूल के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक अधिसूचना देख सकते हैं।
NUSRL की यह पहल प्रारंभिक चरण के कानूनी पेशेवरों को आधुनिक कानूनी चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक उपकरण और अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।