रांची न्यूज डेस्क: रांची जिले में जनगणना-2027 के पहले चरण का आगाज़ हो गया है, जिसकी शुरुआत 1 मई से स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया के साथ हुई है। यह प्रक्रिया 15 मई तक चलेगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने स्वयं अपना फॉर्म भरकर इस अभियान का संदेश दिया और इसे एक राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए पुलिस बल व आम नागरिकों से भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
स्व-गणना: प्रक्रिया और सुविधा
स्व-गणना एक ऐच्छिक डिजिटल सुविधा है, जो 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
कैसे करें: नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल फोन के माध्यम से विवरण भर सकते हैं।
अनिवार्यता: इसके लिए पहचान पत्र या कार्ड की आवश्यकता होगी।
हेल्पलाइन: किसी भी तकनीकी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है।
नोट: यदि कोई व्यक्ति स्वयं गणना नहीं करता है, तो प्रगणक 16 मई के बाद उनके घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
डिजिटल और पेपरलेस अभियान
इस बार की जनगणना पूरी तरह हाई-टेक और डिजिटल होगी। प्रगणक 'HLO एप' के जरिए डेटा दर्ज करेंगे, जिससे जानकारी सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपडेट होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान कोई ओटीपी (OTP) नहीं मांगा जाएगा, अतः नागरिक धोखाधड़ी से सावधान रहें।
जमीनी स्तर पर तैयारी
16 मई से 14 जून तक चलने वाले मकान सूचीकरण कार्य के लिए जिले में व्यापक इंतजाम किए गए हैं:
कार्यबल: कुल 4232 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिनमें 1727 महिलाएं और 2407 पुरुष शामिल हैं।
विवरण: प्रगणक घर-घर जाकर 33 सवालों के जरिए मकान की स्थिति, सुविधाओं और परिवार के बुनियादी विवरण दर्ज करेंगे।
महत्व: 15 साल बाद होने वाली यह जनगणना संसाधनों के बंटवारे, विकास योजनाओं और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए आधार बनेगी।
जनसंख्या में वृद्धि का अनुमान
आंकड़ों के अनुसार, 2011 में रांची की आबादी लगभग 29.14 लाख थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 तक यह बढ़कर 35 से 38 लाख के बीच पहुंच सकती है। पिछली जनगणना में रांची की साक्षरता दर 77.13% थी, जिसमें इस बार बड़े सुधार की उम्मीद है।