रांची न्यूज डेस्क: लखनऊ में 22 जून को हुई भीषण आग की घटना के बाद झारखंड में अग्नि सुरक्षा नियमों को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। रांची नगर निगम (RMC) और बोकारो जिला प्रशासन ने फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के लिए सात दिन का अल्टीमेटम जारी किया था, लेकिन समयसीमा समाप्त होने से ठीक पहले तक एक भी भवन मालिक ने आवेदन नहीं किया है। अब प्रशासन ने नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
रांची नगर निगम के उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार ने बताया कि 25 जून को जारी नोटिस के बावजूद किसी भी भवन स्वामी की ओर से फायर एनओसी के लिए आवेदन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब निगम की टीमें मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगी और जिन इमारतों के पास वैध फायर एनओसी नहीं होगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के दायरे में आने वाली बहुमंजिला इमारतें, स्कूल, अस्पताल, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विशेष निगरानी में हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर भवन सील करने और कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
उधर, बोकारो में भी हालात ऐसे ही हैं। फायर स्टेशन प्रभारी भगवान ओझा ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कोचिंग सेंटर या हॉस्टल ने अब तक फायर एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया है। 25 जून को उपायुक्त अजय नाथ झा ने चास और बेरमो के एसडीएम, बोकारो स्टील प्लांट (BSL) और चास नगर निगम को राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के तहत सुरक्षा ऑडिट कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
बोकारो स्टील प्लांट के मुख्य संचार अधिकारी मणिकांत धन ने बताया कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और प्लॉट आवंटियों को विस्तृत नोटिस जारी किया जा चुका है। इसमें अग्नि सुरक्षा उपकरण, वैध फायर एनओसी, सुरक्षित निकासी मार्ग, विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन, क्षमता सीमा और 11 जुलाई तक शपथपत्र जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि समीक्षा बैठक के बाद नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।