रांची न्यूज डेस्क: शहर में बुधवार को मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्धारित मार्गों से ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। श्रद्धा और अनुशासन के साथ निकले इन जुलूसों ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय संदेश भी दिए।
करीब 10 फीट ऊंचे अधिकांश ताजियों में मक्का, मदीना, दिल्ली की जामा मस्जिद, मुंबई की हाजी अली दरगाह और प्रसिद्ध इमामबाड़ों की झलक देखने को मिली। कई जुलूसों में प्रतिभागी हाथों में तिरंगा लिए नजर आए, जबकि एक झांकी में सेना के टैंक और मिसाइलों का प्रदर्शन किया गया। वहीं, एक अन्य झांकी के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
धार्मिक नेता मोहम्मद महजूद ने बताया कि सभी जुलूस तय मार्गों से निकाले गए और स्वयंसेवकों ने एंबुलेंस, दमकल और प्रशासनिक वाहनों के निर्बाध आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की। दोपहर बाद विभिन्न इलाकों से जुलूस अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे, जहां से वे मिलन चौक होते हुए कर्बला चौक पहुंचे और वहीं उनका समापन हुआ।
पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर रहा। अधिकारियों ने वॉच टावर, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से जुलूसों और भीड़ की निगरानी की। प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह शिविर लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं का पानी, फल, मिठाई, साफा, स्मृति-चिह्न और पारंपरिक तलवार भेंट कर स्वागत किया गया। प्रशासन, आयोजकों और सामाजिक संगठनों के बेहतर समन्वय से मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, अनुशासित और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।