रांची न्यूज डेस्क: बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर अब झारखंड में साफ दिखाई दे रहा है। उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को पार करने के बाद इस सिस्टम के कारण बुधवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में चांडिल में सबसे ज्यादा 50.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रांची में 35 एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग ने 24 सितंबर को रांची, गुमला, खूंटी समेत 16 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
इनमें रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, चतरा, पलामू और गढ़वा समेत 11 जिलों में यलो अलर्ट है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक 27 सितंबर तक राज्य में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 25 सितंबर को हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, चतरा, पलामू और गढ़वा में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की रफ्तार कम होने लगेगी, लेकिन 26 और 27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। रांची में अब तक 1084.9 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 995.9 एमएम से 9 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं पूरे झारखंड में 900.1 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य 977.3 एमएम से 8 प्रतिशत कम है।
बारिश का असर खेती पर भी अलग-अलग तरह से पड़ रहा है। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार के मुताबिक इस बारिश से धान की फसल को फायदा होगा, क्योंकि कई इलाकों में धान की बालियां निकल रही हैं। वहीं ज्यादा बारिश से उड़द और मक्का की फसल को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि ऊपरी जमीन पर लगी फसलों में पानी जमा न होने दें। लत्तर वाली सब्जियों पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक 24 सितंबर को बारिश का असर सबसे ज्यादा रहेगा और 25 सितंबर से इसकी तीव्रता कम होने लगेगी।
बारिश के आंकड़े: चांडिल 50.2 एमएम, चक्रधरपुर 49.4 एमएम, निमडीह 45.8 एमएम, बोकारो 35.2 एमएम, रांची 35 एमएम, खूंटी 34 एमएम और मनोहरपुर 24.4 एमएम।