रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक की जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची पहुंचीं। इसी दौरान AISA ने विधानसभा तक मार्च निकाला, जहां हंगामे के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई। हालांकि, स्याही किसने फेंकी और इसके पीछे वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
नेहा बोरा ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन दिया। इसके बाद AISA कार्यकर्ताओं और छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों से अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हुआ है। वे पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को इस मुद्दे का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया। विपक्ष और अन्य सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हुआ। वहीं अभ्यर्थी न्याय मंच ने मुख्यमंत्री से बातचीत के लिए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का ऐलान किया है। रामावतार महतो, दीनबंधु मंडल, चंदन कुमार, रवि शंकर, प्रेम कुमार, अमित कुमार और विमल कुमार छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगें सरकार के सामने रखेंगे।
लगातार भूख हड़ताल के कारण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। शुक्रवार को एक छात्र की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। छात्र संगठन मौजूदा जांच से संतुष्ट नहीं हैं और स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े हैं। अब सरकार और अभ्यर्थी प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बातचीत से आंदोलन को लेकर अगला रास्ता साफ होने की उम्मीद है।