रांची न्यूज डेस्क: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने रांची में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। अभ्यर्थी निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी जयपाल सिंह स्टेडियम में टेंट, बिस्तर, खाना बनाने का सामान और अन्य जरूरी सामान लेकर डेरा डाल चुके हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय तक आंदोलन के लिए तैयार हैं। इस धरने की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लंबे आंदोलनों से की जा रही है।
हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो समेत कई जिलों से अभ्यर्थी रांची पहुंचे हैं। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि वे परिवार से आर्थिक मदद लेकर आंदोलन में शामिल हुए हैं और किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेंगे। बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी धरने में शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठा सकते हैं। उनका कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) के छात्र संगठन ने भी जयपाल सिंह स्टेडियम से राजभवन तक मार्च निकालकर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का समर्थन किया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाएं वर्षों से विवादों में रही हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक, भर्ती में देरी, परीक्षाओं का रद्द होना, मूल्यांकन में गड़बड़ी और पक्षपात जैसी समस्याओं ने हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है।
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने 7 से 10 वर्षों तक सरकारी नौकरी की तैयारी की, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार देरी के कारण कई उम्मीदवार आयु सीमा भी पार कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया की CBI या ED से स्वतंत्र जांच कराने और राज्य में पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।