रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 25 जुलाई को रांची के बापू वाटिका से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राज्यव्यापी छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है। इसमें हजारों छात्र, अभिभावक, सामाजिक संगठनों और विभिन्न छात्र संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
हजारीबाग के प्रतियोगी छात्र देवाशीष कुमार ने बताया कि उनके जिले के छात्रों ने कई दिनों तक पैसे जुटाकर 29 जुलाई को रांची पहुंचने की तैयारी की। रास्ते में बस रोक दिए जाने के बाद भी वे ट्रेन से रांची पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए।
छात्रों का आरोप है कि हाल ही में हुई झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। इन्हीं आरोपों के बीच अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जेपीएससी के अध्यक्ष एल. खियांगते ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी केवल दोषियों पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य गठन के बाद से भर्ती परीक्षाओं में बार-बार विवाद सामने आते रहे हैं और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
यह आंदोलन JSSC-JPSC भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के बैनर तले चल रहा है। हाल ही में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से भी छात्रों को प्रेरणा मिली है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और ठोस सुधार की जरूरत है।
29 जुलाई को आयोजित 'महाआंदोलन' और संविधान मार्च में करीब 5,000 छात्र शामिल हुए। हाथों में संविधान की प्रति और तिरंगा लेकर छात्रों ने रांची में शांतिपूर्ण मार्च निकाला और समान अवसर, पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग उठाई।
अब इस आंदोलन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आदिवासी छात्र संघ (ACS), अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े शिक्षक भी शामिल हो रहे हैं।