रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के उस बयान पर सवाल उठाया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों की पहचान पर सवाल उठाए गए थे। रवींद्र पासवान ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि बिना जांच के उन्हें कैसे पता चला कि आंदोलन कर रहे लोग छात्र नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए गया छात्र प्रतिनिधिमंडल अपने एडमिट कार्ड दिखाने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल सभी छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाएं देते हैं और उनके पास एडमिट कार्ड मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी और जांच के इस तरह का बयान देना उचित नहीं है।
इधर, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। अस्पताल में इलाज चलने के बावजूद उन्होंने अनशन खत्म नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज और धक्कामुक्की के बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था और वह पिछले चार दिनों से वहीं भर्ती हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जांच की मांग की है।
वहीं प्रदर्शनकारी प्रेम नायक ने बताया कि उनकी भूख हड़ताल का शुक्रवार को 12वां और आंदोलन का 21वां दिन है। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत खराब है, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों बढ़े हुए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें अस्पताल जाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। प्रेम नायक के मुताबिक, सरकार के साथ बातचीत को लेकर चर्चा चल रही है और छात्र प्रतिनिधिमंडल का एक दल बातचीत के लिए जा सकता है। उन्होंने बताया कि जयराम कुमार महतो बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं और शाम को सरकार के साथ बैठक होने की संभावना है।