रांची न्यूज डेस्क: अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका को देखते हुए झारखंड के कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग ने किसानों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए दो सप्ताह का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत राज्य में मोटे अनाज (मिलेट) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि इसकी खेती धान की तुलना में काफी कम पानी में की जा सकती है।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कम वर्षा की संभावना को देखते हुए विभाग किसानों को मिलेट की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। विशेष 'मिलेट मिशन' अभियान के तहत किसानों को अधिकतम पांच एकड़ तक की खेती के लिए प्रति एकड़ 3,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यानी एक किसान को अधिकतम 15,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकेगी। यह अभियान 22 जुलाई तक चलेगा और किसानों से अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र में जाकर पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि कम बारिश वाले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए मिलेट की खेती बेहद उपयुक्त है, क्योंकि इसमें कम निवेश में बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि किसानों को अधिकतम 15,000 रुपये की सहायता के साथ-साथ मिलेट के बीज 50 प्रतिशत और 100 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मिलेट खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। 'कृषि रथ' के माध्यम से पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को वीडियो, स्थानीय भाषाओं के गीतों और अन्य सूचना सामग्री के जरिए मोटे अनाज की खेती के फायदे बताए जा रहे हैं। विभाग ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई है।