रांची न्यूज डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को NEET-UG 2026 के एक अभ्यर्थी की मूल OMR शीट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एजेंसी से कहा है कि अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह की ओरिजिनल OMR शीट सीलबंद लिफाफे में अगली सुनवाई पर प्रस्तुत की जाए।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें परीक्षा परिणाम में अंकों के बड़े अंतर पर सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता लक्ष्य सिंह ने 21 जून को रांची में आयोजित NEET-UG 2026 री-टेस्ट में हिस्सा लिया था। याचिका के अनुसार, NTA की वेबसाइट पर अपलोड की गई स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स के आधार पर उनके 720 में से 660 अंक बन रहे थे। इसमें फिजिक्स में 145, केमिस्ट्री में 164 और बायोलॉजी में 351 अंक दर्शाए गए थे।
हालांकि, 16 जुलाई को जारी अंतिम परिणाम में लक्ष्य सिंह के केवल 116 अंक दिखाए गए। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में दलील दी कि दोनों अंकों के बीच इतना बड़ा अंतर डेटा एंट्री या मार्क्स की गणना में हुई संभावित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
हाईकोर्ट ने मामले में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को भी आदेश की जानकारी देने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।