रांची न्यूज डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, एसएसपी राकेश रंजन और जिला शस्त्र दंडाधिकारी सुदेश कुमार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका को खारिज करते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी। जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट के पहले दिए गए आदेश का पालन किया जा चुका है, इसलिए अवमानना का मामला नहीं बनता।
यह याचिका कोकर निवासी आलोक कुमार गुप्ता ने दाखिल की थी। उनका आरोप था कि 16 जुलाई 2025 को हाई कोर्ट ने उनके शस्त्र लाइसेंस आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने उसका पालन नहीं किया। सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि रांची के उपायुक्त ने 24 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर आवेदन पर विचार किया और नियमानुसार उसे खारिज कर दिया। इसके बाद अदालत ने अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी।
वहीं, हाई कोर्ट ने अपार्टमेंट निर्माण से जुड़े एक अन्य मामले में भी अहम फैसला सुनाया। जस्टिस आर. मुखोपाध्याय की अदालत ने अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित राधिका आशीर्वाद निवास अपार्टमेंट विवाद में बिल्डर आलोक कुमार सिंह के खिलाफ दर्ज दूसरी एफआईआर को रद्द कर दिया।
अदालत ने कहा कि एक ही घटना या लेनदेन को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के समानता के सिद्धांत का हवाला देते हुए दूसरी एफआईआर को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग माना। हालांकि, वर्ष 2021 में दर्ज मूल एफआईआर पर सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी।