रांची न्यूज डेस्क: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) में भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके कारण आयोग को दो केंद्रों पर परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। रांची और बोकारो के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की छपाई और वितरण में हुई गंभीर लापरवाही ने सैकड़ों अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में डाल दिया है।
इस घटनाक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
रांची के जिला स्कूल केंद्र पर उड़िया विषय के प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग इतनी धुंधली थी कि शब्दों को पढ़ना नामुमकिन था। वहीं, बोकारो के सरदार पटेल पब्लिक स्कूल में अभ्यर्थियों की तुलना में प्रश्नपत्रों की संख्या कम पड़ गई, जिससे नाराज छात्रों ने केंद्र पर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। इन शिकायतों के आधार पर जेपीएससी ने शिक्षा (Education) और उड़िया विषयों की परीक्षा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।
बोकारो के ही एक अन्य केंद्र, गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल में प्रश्नपत्र निर्धारित समय से एक घंटे देरी से पहुंचा। हालांकि, वहां परीक्षा रद्द नहीं की गई, बल्कि अभ्यर्थियों को नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। जेपीएससी ने स्पष्ट किया है कि जिन 870 अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द हुई है, उनके लिए पुनर्परीक्षा की तारीख जल्द ही अलग से घोषित की जाएगी।
केवल वितरण ही नहीं, बल्कि प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में कई तकनीकी त्रुटियां पाई गईं, जैसे एक ही प्रश्न का दो बार दोहराया जाना और कुछ प्रश्नों में विकल्पों का गायब होना (जैसे प्रश्न संख्या 86 में 'डी' विकल्प का न होना)। इन गलतियों ने आयोग की कार्यप्रणाली और परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
अचानक परीक्षा रद्द होने और प्रश्नपत्रों में खामियों के कारण अभ्यर्थियों में काफी रोष है। छात्रों का तर्क है कि इस तरह की लापरवाही न केवल उनकी मेहनत पर पानी फेरती है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी कम करती है। अब सबकी नजरें आयोग के अगले कदम और पुनर्परीक्षा के नए शेड्यूल पर टिकी हैं।