रांची न्यूज डेस्क: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में झारखंड के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। इस बैठक का सबसे प्रमुख बिंदु 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) नियमावली को मंजूरी देना रहा। हालांकि, इस प्रस्ताव पर कांग्रेस कोटे के मंत्रियों, राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने मगही, भोजपुरी, अंगिका और मैथिली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल न करने पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई।
राजधानी रांची में ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए कैबिनेट ने दो बड़े ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। पहला पुल अरगोड़ा से हरमू (डिबडीह) तक बनेगा, जिसकी लागत 469.62 करोड़ रुपये होगी। दूसरा फ्लाईओवर करमटोली से साइंस सिटी तक बनाया जाएगा, जिस पर 351.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये दोनों पुल रांची के मुख्य मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने में मील का पत्थर साबित होंगे।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना' का दायरा बढ़ाकर अब 50 विद्यार्थियों तक कर दिया गया है। इसके तहत अब अनुसूचित जनजाति के 20, अनुसूचित जाति के 10, पिछड़ा वर्ग के 14 और अल्पसंख्यक समुदाय के 6 छात्रों को विदेशों में पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य में 'स्कूल मानक प्राधिकरण' के गठन और पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज में 'इनोवेशन सेंटर' की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 22.97 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए गूगल (Google LLC) के साथ समझौता करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अन्य फैसलों में गढ़वा के 'श्री बंशीधर नगर' का नाम बदलकर 'श्री बंशीधर नगर उंटारी' करना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क व सेतु योजना के तहत नए निर्माण कार्यों को स्वीकृति देना शामिल है। इन फैसलों से राज्य के बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को नई गति मिलने की उम्मीद है।