रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने रांची में दो नए 33 केवी सर्किट चालू कर दिए हैं। इन नए सर्किटों के जरिए एयरपोर्ट क्षेत्र को नामकुम ग्रिड से अलग-अलग बे के माध्यम से सीधे बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। JBVNL के रांची आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस गर्मी में शहर की बिजली खपत में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
अब तक एयरपोर्ट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कुसई मार्ग से गुजरने वाले एक ओवरहेड और दो भूमिगत (मुख्य व स्टैंडबाय) सर्किटों पर निर्भर थी। किसी एक बिंदु पर तकनीकी खराबी आने पर बड़े इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती थी। नए प्रत्यक्ष कनेक्शन शुरू होने से डोरंडा, हरदाग, हिनू, कुसई और मेकॉन कॉलोनी समेत कई प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर होने की उम्मीद है।
JBVNL ने रेलवे की अनुमति मिलने के बाद नामकुम रेलवे क्रॉसिंग से एयरपोर्ट तक एक अतिरिक्त भूमिगत सर्किट भी बिछाया है। अब एयरपोर्ट क्षेत्र को कुसई पावर सब स्टेशन के माध्यम से ‘लूप इन-लूप आउट’ (LILO) प्रणाली के जरिए दो अलग-अलग लाइनों से बिजली मिलेगी। इससे किसी एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी लाइन चालू रहेगी और लोड का वितरण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। निगम के अनुसार, 33 केवी सर्किट की लोड वहन क्षमता अब दोगुनी हो गई है।
इसी क्रम में पुराने विधानसभा क्षेत्र को बिजली देने वाले सब स्टेशन को स्मार्ट सिटी सब स्टेशन से भी जोड़ दिया गया है। पहले यह केवल हटिया ग्रिड से जुड़ा था। इस नई व्यवस्था से सेल सिटी, मेकॉन कॉलोनी और डीपीएस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और मजबूत होगी। विशेष रूप से मेकॉन क्षेत्र को अब हटिया, स्मार्ट सिटी और नामकुम—तीन ग्रिडों से बिजली मिलने का लाभ मिलेगा। JBVNL ने बताया कि बिजली खपत पिछले वर्ष 360 एमवीए से बढ़कर इस वर्ष 436 एमवीए पहुंच गई है, जिसे देखते हुए हटिया और कांके ग्रिड के विस्तार समेत अन्य परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।