रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पूरी तस्वीर सामने ला दी। लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गयीं और कई जगह सड़क व नाली का फर्क ही नजर नहीं आया। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा, जिससे कई इलाकों में जाम लगा। निचले इलाकों में पानी घरों में घुस गया और लोग पूरे दिन घरों से पानी निकालते रहे।
सबसे खराब स्थिति बांधगाड़ी दीपाटोली रोड नंबर पांच पर रही। यहां करीब दो महीने से नाला बनाने के लिए सड़क खोदी गयी है और कई जगह पांच से सात फीट तक गहरे गड्ढे हैं। बारिश के बाद ये गड्ढे पानी में पूरी तरह डूब गये, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो गया। महिलाएं, बच्चे और राहगीर फिसलकर गड्ढों में गिर गये और कई लोगों को चोट लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले नालों और गड्ढों के आसपास न तो बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गये हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
शहर के कई दूसरे हिस्सों में भी जलजमाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। नामकुम के स्वर्णरेखा घाट में पहली बार छोटे पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके बाद वहां से आवाजाही बंद कर दी गयी और लोगों को बड़े पुल का इस्तेमाल करने को कहा गया। हरमू नदी भी उफान पर रही और निवारणपुर के पास कई घरों में पानी घुस गया। लालपुर के काली टावर के पास दो से तीन फीट तक काला पानी जमा हो गया, जिससे कई दोपहिया वाहन बंद हो गये। चडरी, जयपाल सिंह स्टेडियम, बिहार क्लब के पीछे की गली और स्टेशन रोड पर भी सड़कें पानी में डूबी रहीं। स्टेशन के पास लोगों को डिवाइडर पर चढ़कर गुजरना पड़ा।
हलधर प्रेस गली, गौस नगर, नेजाम नगर, अलबर्ट कंपाउंड, लोहराकोचा, इस्लाम नगर और आजाद बस्ती में भी कई घरों में पानी घुस गया। नामकुम-अनगड़ा रोड पर टाटीसिल्वे चौक में भी जलजमाव से दुकान और मकानों में पानी पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए रांची नगर निगम ने 1200 सफाईकर्मियों को नालियों की सफाई के काम में लगाया। अभियान के दौरान 45 प्रमुख जगहों पर स्लैब हटाकर नालियां साफ की गयीं। निगम ने चार जेसीबी और दो सुपर सकर मशीनें भी लगायीं। जलजमाव या नाली जाम होने पर लोग टोल-फ्री हेल्पलाइन 18005701235 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।