रांची न्यूज डेस्क: झारखंड के सिमडेगा की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहीं पूर्व विधायक और मंत्री विमला प्रधान का शुक्रवार रात करीब 8:40 बजे रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही सिमडेगा के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
विमला प्रधान ने 2009 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सिमडेगा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। इसके बाद 2014 में उन्होंने लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीता। वह 2009 से 2019 तक सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र की विधायक रहीं। अपने विधायक कार्यकाल के दौरान उन्हें झारखंड सरकार में समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी मिली।
मंत्री के तौर पर विमला प्रधान ने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2017 में उन्हें उत्कृष्ट विधायक सम्मान से भी नवाजा गया था। करीब एक दशक तक विधानसभा में सिमडेगा का प्रतिनिधित्व करने वाली विमला प्रधान की पहचान क्षेत्र की प्रमुख महिला जनप्रतिनिधि के तौर पर रही। 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया, लेकिन इसके बाद भी वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहीं।
विमला प्रधान के निधन की खबर से उनके समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में शोक है। लोगों ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन और सिमडेगा के लिए किए गए कामों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके पति का निधन पहले ही हो चुका था। उनके तीन बेटे हैं, जिनमें मनीष प्रधान, राकेश रविकांत और गुड्डू शामिल हैं। मनीष प्रधान न्यायपालिका में सेवा दे रहे हैं, जबकि राकेश रविकांत अपनी मां से प्रेरणा लेकर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं।