रांची न्यूज डेस्क: एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण की शुरुआत रांची में ट्रॉफी शोकेस समारोह के साथ हुई। दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी को प्रदर्शित किया गया। इस मौके पर सेना के अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, फुटबॉल प्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि झारखंड लगातार बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी कर अपनी अलग पहचान बना रहा है। डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंट का रांची में आयोजन राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे फुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा।
आईबीजी-23 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने डूरंड कप को अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने फुटबॉल प्रशंसकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं।
रांची में इस साल डूरंड कप के मुकाबले 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में खेले जाएंगे। राजधानी में ग्रुप सी के सात मुकाबलों के अलावा एक क्वार्टर फाइनल मैच भी आयोजित होगा। वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट आज भारतीय फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल है और रांची में इसके आयोजन को लेकर खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।