रांची न्यूज डेस्क: रांची की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने एक सात वर्षीय अनाथ बच्चे के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उसका स्कूल में दाखिला कराया है और पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।
डीएलएसए के अनुसार, बच्चे की मां की पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। वहीं, उसके पिता की अक्टूबर 2019 में रांची के मोराबादी इलाके में हत्या कर दी गई थी। माता-पिता के निधन के बाद बच्चा बेसहारा हो गया और गुजारा करने के लिए भीख मांगने को मजबूर था।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एस.एन. प्रसाद के निर्देश पर डीएलएसए और लालपुर पुलिस की टीम ने बच्चे को गुमला जिले से रेस्क्यू किया। इसके बाद उसका दाखिला हाल ही में नेताजी सुभाष चंद्र आवासीय विद्यालय में कराया गया।
डीएलएसए ने बताया कि स्वीकृत 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि में से 1 लाख रुपये उसकी पढ़ाई के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे, जबकि शेष राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा किया जाएगा, जो बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर उसे दी जाएगी। वर्तमान में कक्षा 3 में पढ़ रहा यह बच्चा अब बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बनने का सपना देख रहा है। डीएलएसए ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई बेसहारा बच्चा हो या किसी को कानूनी सहायता की जरूरत हो, तो वे प्राधिकरण से संपर्क करें।