रांची न्यूज डेस्क: रांची: केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के लिए अलग राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) निदेशालय स्थापित करने के फैसले के बाद राज्य में एक समर्पित एनसीसी प्रशिक्षण अकादमी बनाने की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए निदेशालय के शुरू होने के बाद राज्य में एनसीसी कैडेटों की संख्या बढ़ेगी, ऐसे में बेहतर प्रशिक्षण और बड़े शिविरों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाली अकादमी की जरूरत होगी।
केंद्र सरकार ने जून के मध्य में झारखंड के लिए स्वतंत्र एनसीसी निदेशालय की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य राज्य में एनसीसी गतिविधियों का बेहतर समन्वय, प्रभावी निगरानी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक मजबूत बनाना है। सूत्रों के अनुसार, नए निदेशालय के संचालन के बाद कैडेटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसी को देखते हुए एनसीसी अधिकारियों ने राज्य सरकार को प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने का प्रस्ताव भी भेजा है।
फिलहाल राज्य में एनसीसी का नियमित प्रशिक्षण स्कूलों और कॉलेजों में शैक्षणिक समय के दौरान कराया जाता है। वहीं, विभिन्न संस्थानों के कैडेटों के संयुक्त प्रशिक्षण शिविरों के लिए एनसीसी को शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो प्रायः केवल गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में उपलब्ध हो पाते हैं। कई जिलों में करीब 500 कैडेटों के लिए उपयुक्त शिविर स्थल उपलब्ध कराना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पूर्व ब्रिगेडियर और पूर्व एनसीसी ग्रुप कमांडर मनीष त्रिपाठी का कहना है कि स्कूलों और कॉलेजों में आधुनिक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक ढांचा और उपकरण उपलब्ध नहीं होते। उनके अनुसार, एक समर्पित एनसीसी अकादमी में फायरिंग रेंज, ऑब्स्टेकल कोर्स और अन्य अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं, जिससे कैडेटों को बेहतर और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।