रांची न्यूज डेस्क: रांची के सेटेलाइट चौक के पास एचईसी (HEC) की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने गए प्रशासनिक दस्ते और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बुधवार को हिंसक झड़प हो गई। अतिक्रमण रोधी अभियान का विरोध कर रहे आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकारी कार्रवाई में बाधा डाली, बल्कि वहां तैनात पुलिस टीम पर पथराव भी कर दिया। इस झड़प और धक्का-मुक्की में कई महिला पुलिसकर्मियों सहित कई जवान चोटिल हो गए।
बढ़ते बवाल और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी मशीनों को घेर लिया और कई लोग उनके आगे बैठकर नारेबाजी करने लगे। हटिया डीएसपी नीरज कुमार के अनुसार, प्रशासनिक टीम शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई करने पहुंची थी, लेकिन उग्र भीड़ ने हमला और पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और मौके से आधा दर्जन से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया।
दूसरी ओर, प्रभावित बस्तीवासियों का कहना है कि वे पिछले 60 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं और आगामी त्योहारों के समय अचानक उनके आशियानों को तोड़ना बेहद अन्यायपूर्ण है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले आश्वासन दिया था कि बस्ती नहीं तोड़ी जाएगी, लेकिन फिर अचानक जेसीबी लाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि बेदखली की कार्रवाई से पहले उनके लिए स्थायी या वैकल्पिक पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए।
इसके विपरीत प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित भूमि एचईसी की है और जिला प्रशासन से मिले आधिकारिक निर्देशों के तहत ही अतिक्रमण हटाने की यह कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। भारी विरोध और हंगामे के बावजूद प्रशासन ने अभियान जारी रखा, वहीं हिरासत में लिए गए लोगों को शाम में पीआर बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा कर दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।