रांची न्यूज डेस्क: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने बुधवार को आयोग की पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। लगातार दूसरे दिन उनसे लंबी पूछताछ की गई। मामले में आगे की पूछताछ के लिए उन्हें शुक्रवार को फिर तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी ने परीक्षा आयोजित कराने के लिए कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का चयन किए जाने और बिना उचित जांच-पड़ताल के उसे जिम्मेदारी सौंपने को लेकर सवाल पूछे। एजेंसी के चयन में उनकी कथित भूमिका को लेकर भी उनसे जानकारी ली गई। कुछ संगठनों ने इस प्रक्रिया पर पहले ही सवाल उठाए थे।
इस बीच सीआईडी ने 2025 की जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए एक सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया है। नोटिस में अभ्यर्थियों से पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने को कहा गया है। अभ्यर्थी इनकी पीडीएफ या फोटो व्हाट्सएप नंबर 9934309058 अथवा ईमेल complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in पर भेज सकते हैं। जिन अभ्यर्थियों के पास कार्बन कॉपी नहीं है, उनसे अपना रोल नंबर और दस्तावेज उपलब्ध न होने का कारण भेजने को कहा गया है।
गौरतलब है कि जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीआईडी पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है। जांच के चलते मुख्य परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब तक इस मामले में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।