रांची न्यूज डेस्क: रांची में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखने के बाद बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी के पत्र को एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को निर्देश देने जैसा बताया। वहीं, झारखंड बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन को ‘लेटर-लेटर’ खेलना बंद करना चाहिए।
राहुल गांधी ने पत्र में जेपीएससी पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के खिलाफ रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने और आंदोलन खत्म कराने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को उनका समर्थन है। राहुल ने बीजेपी-आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने का आरोप भी लगाया।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी के पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अनुरोध कम और मुख्यमंत्री को दिया गया निर्देश ज्यादा लगता है। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी खुद रांची जाकर छात्रों और हेमंत सोरेन से सीधे क्यों नहीं मिले। मालवीय ने यह भी सवाल किया कि अगर छात्रों और परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की इतनी चिंता है तो उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को ऐसा पत्र क्यों नहीं लिखा। उन्होंने राहुल पर चुनिंदा मुद्दों पर नाराजगी दिखाने और राजनीतिक दखल देने का आरोप लगाया।
वहीं, प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास से धरना स्थल की दूरी सिर्फ एक किलोमीटर है, फिर भी हेमंत सोरेन छात्रों से मिलने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन को दिखावा बंद कर छात्रों की मांगों पर सीधे बात करनी चाहिए। बीजेपी नेताओं ने सरकार से छात्रों की शिकायतों का समाधान करने, पारदर्शिता बरतने और उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।