रांची न्यूज डेस्क: रांची में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। भाजपा द्वारा एक दिन पहले कांग्रेस कार्यालय के घेराव के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी, धक्का-मुक्की और पथराव जैसी स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर, टमाटर, अंडे और पानी की बोतलें फेंकी। इस हंगामे में एक पत्रकार भी घायल हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस की पहली बैरिकेडिंग तोड़कर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, लेकिन अंतिम बैरिकेड पर उन्हें रोक दिया गया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद दोनों दलों के कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर आमने-सामने आ गए। करीब 45 मिनट तक दोनों ओर से नारेबाजी होती रही। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति पर नियंत्रण पाया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने "राहुल चोर है" और "झारखंड सरकार युवाओं को न्याय दे" जैसे नारे लगाए। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने "चंदा चोर गद्दी छोड़ो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारे लगाए।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले हरमू मैदान में एकत्र हुए और वहां से मार्च निकालकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन से पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल, रैपिड रिस्पॉन्स टीम और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
घटना के बाद रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने अरगोड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिंसा भड़काने की कोशिश की। साथ ही एक पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी, जिसमें कथित तौर पर भाजपा कार्यालय के अंदर पत्थर जमा किए जाने का वीडियो होने का दावा किया गया है।