रांची न्यूज डेस्क: अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैये के लिए पहचाने जाने वाले झारखंड पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) अभिषेक कुमार ने रांची के खड़गढ़ा बस स्टैंड पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राज्य के सबसे व्यस्त बस अड्डों में से एक पर स्थित पुलिस चौकी में तैनात अभिषेक कुमार पिछले दो महीनों में यात्रियों, बेघर लोगों और जरूरतमंद मजदूरों के लिए भरोसे का नाम बन गए हैं। सहकर्मियों के अनुसार, वह अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर लोगों को भोजन, सुरक्षा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराते हैं।
हाल ही में उन्होंने बिहार से महाराष्ट्र काम की तलाश में जा रहे एक गरीब दंपति की मदद की, जो दो दिनों से बस स्टैंड पर बिना भोजन के फंसे हुए थे। सादे कपड़ों में गश्त के दौरान अभिषेक कुमार की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने न केवल उनके भोजन की व्यवस्था की, बल्कि चप्पल और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी। इसके बाद उन्होंने उन्हें जमशेदपुर जाने वाली बस में बैठवाया ताकि वे आगे की यात्रा के लिए ट्रेन पकड़ सकें।
खड़गढ़ा बस स्टैंड कई बेघर और दिहाड़ी मजदूरों के लिए अस्थायी आश्रय का काम करता है। ऐसे में अभिषेक कुमार विशेष रूप से रात के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सजग रहते हैं। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया है कि बस स्टैंड पर रात गुजारने वाली महिला मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए। इसके अलावा उन्होंने समाजसेवियों की मदद से आधा दर्जन दिव्यांग लोगों के उपचार की व्यवस्था भी कराई है। बाल तस्करी के खिलाफ भी वह सक्रिय भूमिका निभाते हैं और बाल कल्याण समिति के साथ मिलकर बच्चों को बचाने का काम करते हैं। अप्रैल में उन्होंने गुमला जिले के 15 और 17 वर्षीय दो किशोरों को बस स्टैंड से सुरक्षित बचाया था।
सामाजिक कार्यों के साथ-साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी अभिषेक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फरवरी में उन्होंने रंगदारी और फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल राहुल सिंह गैंग के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी में अहम योगदान दिया था। उनके समर्पण और सामाजिक सेवा को देखते हुए 1 जून को सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने उन्हें सम्मानित किया। वहीं रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना पुलिस का कर्तव्य है और अभिषेक कुमार इसे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। अभिषेक कुमार का कहना है कि वे झारखंड पुलिस के आदर्श वाक्य "सेवा ही लक्ष्य" को अपने जीवन में उतारकर काम कर रहे हैं।