रांची न्यूज डेस्क: रांची के बेड़ो प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, असरो में 435 बच्चों की पढ़ाई जर्जर भवन के साए में चल रही है। बारिश होते ही स्कूल की तीन कक्षाओं की छत से पानी टपकने लगता है और कमरे पानी से भर जाते हैं। ऐसे में छात्र पढ़ाई छोड़ बाल्टियों से पानी निकालने को मजबूर हो जाते हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कमजोर हो चुकी छत कभी भी गिर सकती है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मेरी विद्या तिग्गा ने बताया कि स्कूल में केजी से 10वीं तक की पढ़ाई होती है। कुल 11 कक्षाओं के लिए केवल 9 कमरे उपलब्ध हैं। इनमें 3 कमरे पूरी तरह जर्जर हैं, जबकि 3 नए कमरे अब तक अधूरे पड़े हैं।
विद्यालय में 17 शिक्षक, एक लिपिक, एक आईसीटी कर्मी और एक एलएलएफ कर्मी सहित कुल 20 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद भवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
स्कूल में पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। बोरिंग का केसिंग फट चुका है और समरसेबल पंप जाम होने के कारण मध्याह्न भोजन के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा स्कूल में चारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं की कमी की जानकारी कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि जल्द मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल शिक्षक और छात्र डर के माहौल में पढ़ाई और पढ़ाने को मजबूर हैं।