रांची न्यूज डेस्क: रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में रविवार रात उर्दू लाइब्रेरी के पास दो गुटों के बीच विवाद के बाद अचानक फायरिंग हो गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब छह राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। फायरिंग के बाद मौके पर मौजूद लोग वाहनों से वहां से निकल गए। सूचना मिलते ही डोरंडा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। वहीं, दरगाह कमेटी के महासचिव जावेद ने आरोप लगाया है कि उनके घर के पास उन्हें डराने के लिए फायरिंग की गई। जावेद का कहना है कि वह अल्ताफ हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं और 17 तारीख को उनकी कोर्ट में सुनवाई है। उनका आरोप है कि केस से जुड़े लोग उन पर दबाव बनाकर उन्हें कोर्ट जाने और गवाही से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
जावेद ने जमीन विवाद से जुड़े एक दूसरे मामले का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक, उस मामले में हुई हिंसक झड़प की शिकायतकर्ता उनकी पत्नी भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों मामलों को लेकर उन्हें और उनके परिवार को लगातार दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है। जावेद ने फायरिंग में छोटू, अफाक और संजर के शामिल होने का शक जताया है और अली, आजम समेत अन्य लोगों पर भी घटना में भूमिका होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और फायरिंग करने वाले कौन थे। बताया गया कि पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और कुछ ही देर में मामला बढ़ गया, जिसके बाद गोलियां चलने लगीं। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। फायरिंग में कितने हथियार इस्तेमाल हुए और कितनी गोलियां चलीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, कोर्ट की तारीख और फायरिंग के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।