रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार पैर पसार रहा है। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग, कम समय में अधिक मुनाफे का लालच और विदेशी डॉलर व कस्टम ड्यूटी के नाम पर झांसा देकर साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग लोगों से कुल 18.68 लाख रुपये ऐंठ लिए।
तीनों पीड़ितों ने रांची के साइबर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। पुलिस ने मामलों को दर्ज कर संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
ठगी के तीन मुख्य मामले:
शेयर ट्रेडिंग ऐप के नाम पर 9.80 लाख रुपये की ठगी: पीड़ित सुशील कुमार तिवारी को खुद को 'एक्सिस सिक्योरिटी' से जुड़ा बताने वाले ठगों ने डीएमए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (DMA Trading Platform) पर निवेश करने का झांसा दिया। उन्होंने कुल 9.80 लाख रुपये का निवेश किया, जिस पर ऐप में 19.60 लाख रुपये का बैलेंस दिखाया गया। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ब्रोकरेज और जीएसटी के नाम पर 4.76 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने मामला दर्ज कराया। इस केस में तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
टेलीग्राम ट्रेडिंग में 40% मुनाफे का लालच देकर 2.77 लाख ऐंठे: रांची की 22 वर्षीय युवती सोनी कुमारी को टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग में 40% मुनाफा देने का लालच दिया गया। पीड़िता से अलग-अलग किस्तों में 2.77 लाख रुपये जमा करा लिए गए। बाद में जब उसने मूल राशि और मुनाफा मांगा, तो ठगों ने और पैसों की मांग की।
विदेशी डॉलर और कस्टम ड्यूटी के नाम पर महिला से 6.11 लाख की ठगी: रांची की प्रीति कुमारी से फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर विदेशी डॉलर भेजने का झांसा दिया गया। ठगों ने खुद को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का लीगल कंसल्टेंट बताकर कस्टम ड्यूटी के नाम पर विभिन्न बैंक खातों और सीडीएम (CDM) मशीनों के जरिए 6.11 लाख रुपये जमा करवा लिए।