रांची न्यूज डेस्क: रांची के ओरमांझी स्थित *तरंगिनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड* से अवैध शराब बरामद होने के मामले में जारी कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) का जवाब सभी आरोपियों ने उत्पाद विभाग को सौंप दिया है। अब इन जवाबों की समीक्षा रांची के उपायुक्त स्तर पर की जाएगी।
शो-कॉज नोटिस बाटलिंग प्लांट के संचालक और बिहार राजद के पूर्व एमएलसी *सुबोध राय, शराब कंपनी **रेडिको खेतान* तथा संबंधित क्षेत्र के उत्पाद दारोगा *रूपेश कुमार* को जारी किया गया था। उत्पाद दारोगा रूपेश कुमार ने अपने जवाब में कहा कि कथित अनियमितता उनकी अनुपस्थिति में हुई थी। वहीं, अब सुबोध राय और रेडिको खेतान की ओर से भी जवाब सहायक आयुक्त उत्पाद कार्यालय को मिल गया है।
सहायक आयुक्त उत्पाद ने पहले ही रांची के उपायुक्त को तरंगिनी लीकर्स का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की है। अब उपायुक्त सभी पक्षों के जवाब की समीक्षा करेंगे। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो लाइसेंस रद्द करने समेत अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच उपायुक्त ने एक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति भी की है। उनकी मौजूदगी में सील किए गए बाटलिंग प्लांट का ताला खोला जाएगा और अंदर मौजूद शराब के स्टॉक का मिलान किया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर तरंगिनी लीकर्स में छापेमारी की थी। इस दौरान *303 पेटी अवैध विदेशी शराब* और *70 पेटी बीयर* बरामद की गई थी। बरामद शराब पर *"For Sale in Delhi and Uttar Pradesh"* अंकित था, जबकि प्लांट को केवल झारखंड के लिए शराब की बॉटलिंग की अनुमति थी।
इस कार्रवाई के बाद उत्पाद विभाग ने पूर्व एमएलसी *सुबोध राय* और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में ओरमांझी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच अभी जारी है।