रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में स्थित 300 साल पुराने ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर परिसर में एक सुरक्षा गार्ड की नृशंस हत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। मंदिर की सुरक्षा में तैनात बिरसा मुंडा नामक गार्ड की सोते समय बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में भी गहरा रोष पैदा कर दिया है।
वारदात का विवरण और पुलिस जांच:
पुलिस के अनुसार, अपराधी मंदिर के निर्माणाधीन हिस्से से परिसर के भीतर दाखिल हुआ और वहां सो रहे गार्ड बिरसा मुंडा पर अचानक हमला कर दिया। मौके पर पहुंची एफएसएल (FSL) टीम और स्निफर डॉग्स ने साक्ष्य जुटाए हैं।
चोरी की आशंका: घटनास्थल से एक दान पेटी का टूटा हुआ ताला मिला है, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि अपराधियों का मकसद लूटपाट था।
सीसीटीवी फुटेज: पुलिस मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके। रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच हर पहलू (हत्या और चोरी) से की जा रही है।
पीड़ित परिवार की व्यथा:
मृतक बिरसा मुंडा के परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने एक दर्दनाक खुलासा करते हुए बताया कि बिरसा को पिछले कई महीनों से मात्र 1500 रुपये का मासिक वेतन भी नहीं मिला था, फिर भी वे अपनी अटूट आस्था के कारण मंदिर की सुरक्षा में डटे रहे। मंदिर प्रबंधन ने फिलहाल पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल:
जगन्नाथपुर जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में, जहां विधानसभा और उच्च न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान हैं, वहां हुई इस हत्या पर राजनीति भी गर्मा गई है। भाजपा ने राज्य सरकार को घेरते हुए कानून व्यवस्था को दयनीय बताया है। गौरतलब है कि राजा एनी नाथ शहदेव द्वारा निर्मित यह मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना है और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग उठ रही है।