रांची न्यूज डेस्क: राजधानी रांची की हवा लगातार खराब होती जा रही है और ठंड के साथ बढ़ते कुहासे ने प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना दिया है। रविवार को रांची का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 172 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य मानकों के अनुसार ‘अनहेल्दी’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा हालात में रांची की हवा में एक दिन सांस लेना लगभग 3.5 सिगरेट पीने जितना नुकसानदेह हो चुका है।
एयर क्वालिटी एंड हेल्थ से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, प्रदूषण का यह स्तर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और दमा या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक बनता जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में हालात ज्यादा खराब हैं, जहां लोग दिनभर जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। ठंड के कारण हवा में प्रदूषक कण लंबे समय तक जमे हुए हैं, जिससे राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।
रांची के ढुमसा टोली, गांधी नगर कॉलोनी, कोकर और नया टोली जैसे इलाकों में AQI 170 के पार पहुंच गया है। यहां पीएम-2.5 का स्तर 86 और पीएम-10 का स्तर 147 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन जैसे प्रदूषकों की मौजूदगी भी बढ़ी हुई पाई गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह प्रदूषण प्रतिदिन कई सिगरेट पीने के बराबर असर डाल रहा है।
दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े महानगरों की तुलना में भी रांची की हवा अब ज्यादा सुरक्षित नहीं कही जा सकती। प्रदूषित हवा के कारण फेफड़ों पर सीधा असर पड़ता है और लंबे समय तक संपर्क में रहने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।