रांची न्यूज डेस्क: उत्तर-पश्चिम से आने वाली तेज और सर्द हवाओं ने झारखंड में ठंड को एकदम चरम पर पहुँचा दिया है। हालात ऐसे हैं कि रांची और पलामू का तापमान शिमला और जम्मू जैसे पहाड़ी क्षेत्रों से भी नीचे चला गया है। कांके का पारा 3.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि रांची का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री और मेदिनीनगर (पलामू) का तापमान 6.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि 15 दिसंबर तक शीतलहर का असर जारी रहेगा और रात के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
झारखंड के 24 में से 18 जिलों का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुँच चुका है। शुक्रवार की सुबह धुंध और कोहरा रहने का अनुमान है, जबकि दिन और रात में ठंडी हवा लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 14–15 दिसंबर के बाद तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन तब तक ठंड का प्रकोप बना रहेगा।
राज्य के कई शहरों — जैसे बोकारो, जमशेदपुर, चाईबासा और सिमडेगा — में तापमान तेजी से नीचे आया है। विशेषज्ञों ने लोगों को कड़ाके की सर्दी में सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर सुबह-सुबह बाहर निकलने वालों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सावधानी बेहद जरूरी बताई गई है। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक का समय बदलने या उससे परहेज करने में ही भलाई है।
देश के अन्य राज्यों की तुलना में झारखंड के कई जिलों में अधिक ठंड दर्ज की जा रही है। खूंटी और गुमला जैसे जिलों में पारा 4 डिग्री के आसपास पहुँच गया है। वहीं पलामू, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला में भी तापमान 6–8 डिग्री के बीच है। मौसम विभाग का कहना है कि सुबह कोहरा और दोपहर में ठंडी हवा का मिलाजुला असर अगले कुछ दिनों तक महसूस किया जाएगा।