रांची न्यूज डेस्क: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य की राजधानी Ranchi में गर्मियों के दौरान बिजली कटौती को न्यूनतम रखने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। खुले ओवरहेड तारों को एरियल बंच्ड केबल (ABC) में बदलने से लेकर नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने तक कई काम तेजी से किए जा रहे हैं, ताकि वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाया जा सके।
रांची के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि गर्मियों में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है, इसलिए पहले से तैयारी जरूरी है। पिछले वर्ष लंबे मानसून के कारण बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा था। इस बार लक्ष्य है कि गर्मी और मानसून दोनों मौसम में निर्बाध और बेहतर गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के तहत जिले में कुल 500 ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं, जिनमें से 327 केवल रांची रिंग रोड क्षेत्र में स्थापित किए गए। इसके अलावा, शहर में 963.66 किलोमीटर खुले तारों को एबीसी में बदला जा चुका है। एबीसी के उपयोग से पेड़ों के गिरने, पक्षियों के संपर्क और फेज क्लैश जैसी समस्याओं से सुरक्षा मिलती है। साथ ही, बिजली चोरी पर भी अंकुश लगता है और ट्रांसमिशन लॉस कम होता है। अगले छह महीनों में शहर के सभी खुले तारों को एबीसी में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अतिरिक्त 11,000 केवी लाइनों की मरम्मत और मजबूती का काम शुरू किया गया है, जबकि 33,000 केवी केबल सर्किट का भी रखरखाव किया जा रहा है। भूमिगत केबल वाले क्षेत्रों में ओवरहेड लाइनों को भी सक्रिय रखा जा रहा है, ताकि किसी खराबी की स्थिति में तुरंत सप्लाई शिफ्ट की जा सके। सबस्टेशनों और ग्रिड प्वाइंट्स पर केबल-टू-केबल इंटरचेंज की सुविधा बढ़ाई जा रही है। मानसून से पहले कमजोर तारों को सहारा देने के लिए मिड-स्पैन पोल लगाए जा रहे हैं और ओवरहेड लाइनों के पास पेड़ों की शाखाओं की कटाई भी की जा रही है, जिससे तेज बारिश और हवाओं में बाधा न आए।